Home

Welcome to My New Politics Blog

बस इतना सा कर्ज ?

क्या बस इतना ही कर्ज था बच्ची तुम्हारा ? क्यों बस इतनी ही देर के लिए आई थी 😢,अश्रु की बूदें पलकों के तीरे बार बार आकर टकरा रही हैं, जैसे समन्दर का विशाल भंवर उतावला हो अपनी सीमाएं लांघ नयनों के असह्य वेदनापूर्ण जंजीरों से आजाद हो जाने को ।लेकिन क्या करें, प्रक्रिया… जिम्मेदारी….…

भगवान परशुराम जन्मोत्सव: सर्वे सन्तु निरामया की भावना के साथ घर से ही मनायें पर्व

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत, अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानम् श्रृजाम्यहम् जब जब पृथ्वी पर धर्म की क्षति होती है तब तब भगवान विष्णु धर्म के पुनरुत्थान के लिये धरती पर अवतार लेते हैं। और इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु भगवान श्री हरि विष्णु ने त्रेता युग में अपने छठे अवतार के रूप में ब्राह्मण धर्म की…


Follow My Blog

Get new content delivered directly to your inbox.

Design a site like this with WordPress.com
Get started